भारतपे (BharatPe) के बारे में पूरी जानकारी
भारतपे भारत का एक प्रमुख फिनटेक (Fintech) प्लेटफॉर्म है, जो मुख्य रूप से छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाएं प्रदान करता है। इसका उद्देश्य भारत के छोटे और मध्यम व्यवसायों (MSMEs) को सशक्त बनाना है।
कब, कैसे और क्यों लॉन्च किया गया?
लॉन्च का समय
भारतपे की स्थापना 2018 में अशनीर ग्रोवर, शश्वत नकरानी और भाविक कोलाडिया ने मिलकर की थी।
लॉन्च का कारण
लॉन्च के पीछे का मुख्य कारण भारतीय व्यापारियों की एक बड़ी समस्या को हल करना था:
- लेन-देन शुल्क (Transaction Fees): छोटे दुकानदार और व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने से हिचकिचाते थे क्योंकि उन्हें हर लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के रूप में एक छोटा शुल्क देना पड़ता था।
- कई QR कोड की जरूरत: उस समय, अलग-अलग पेमेंट ऐप्स जैसे PhonePe, Google Pay या Paytm के लिए व्यापारियों को अलग-अलग QR कोड रखने पड़ते थे, जिससे उनके लिए काम जटिल हो जाता था।
भारतपे ने इन समस्याओं को समझते हुए, भारत का पहला इंटरऑपरेबल (interoperable) UPI QR कोड लॉन्च किया। इसका मतलब यह था कि एक ही QR कोड से व्यापारी किसी भी UPI ऐप से भुगतान स्वीकार कर सकते थे, और सबसे खास बात यह थी कि इसके लिए उनसे कोई शुल्क (Zero MDR) नहीं लिया जाता था।

चित्र: भारतपे का यूनिफाइड क्यूआर कोड
कंपनी के पीछे के कारण
अशनीर ग्रोवर ने देखा कि हालांकि छोटे दुकानदार डिजिटल भुगतान पर शुल्क देना पसंद नहीं करते, लेकिन वे अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए लोन लेने में संकोच नहीं करते। यहीं से भारतपे का बिजनेस मॉडल तैयार हुआ।
कंपनी ने शुरुआत में UPI भुगतान को फ्री रखा ताकि ज्यादा से ज्यादा व्यापारी उनके प्लेटफॉर्म से जुड़ सकें। एक बार जब उनके पास व्यापारियों का एक बड़ा नेटवर्क और उनका भुगतान डेटा इकट्ठा हो गया, तो उन्होंने इस डेटा का इस्तेमाल करके उन्हें आसानी से लोन देना शुरू कर दिया। इस तरह, उनका रेवेन्यू मॉडल भुगतान से नहीं बल्कि व्यापारियों को दिए गए लोन से बना।
भारत में लोकप्रियता और रैंक
भारतपे ने अपने अनोखे मॉडल के कारण बहुत तेजी से लोकप्रियता हासिल की।
- नेटवर्क: कंपनी 400 से ज्यादा शहरों में 1 करोड़ से भी ज्यादा व्यापारियों के नेटवर्क का दावा करती है।
- लेन-देन में हिस्सेदारी: यह UPI के माध्यम से ऑफलाइन लेन-देन में एक प्रमुख खिलाड़ी है। 2020 में यह Google Pay और PhonePe को पीछे छोड़ते हुए दूसरा सबसे बड़ा P2M (Person-to-Merchant) UPI पेमेंट प्लेयर बन गया था।
- व्यापारियों को लोन: भारतपे ने अपने लॉन्च के बाद से अब तक 7,000 करोड़ रुपये से अधिक के लोन व्यापारियों को दिए हैं।
- यूनिकॉर्न का दर्जा: अगस्त 2021 में, कंपनी ने $2.85 बिलियन के वैल्यूएशन (मूल्यांकन) के साथ भारत के 19वें यूनिकॉर्न (Unicorn) का दर्जा प्राप्त किया।
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